Popular

EXCLUSIVE NEWS: पंजाब सीएम भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे तक हिरासत में रखा' AAP का आरोप- 50 हजार का जुर्माना भी लगाया.. DAILY INDIATIMES
EDITOR'S NEWS / October 21, 2026

EXCLUSIVE NEWS: पंजाब सीएम भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे तक हिरासत में रखा' AAP का आरोप- 50 हजार का जुर्माना भी लगाया.. DAILY INDIATIMES

EXCLUSIVE PODCAST: अपार धन प्राप्ति के लिए करें माता लक्ष्मी उपासना और मंत्र चिकित्सा से गंभीर रोगों का चमत्कारिक निदान सम्भव, अध्यात्म से मिलती है जीवन को सार्थक दिशा: DR. GAURAV SHUKLA और DR. ARTI SHUKLA
PODCAST / September 11, 2026

EXCLUSIVE PODCAST: अपार धन प्राप्ति के लिए करें माता लक्ष्मी उपासना और मंत्र चिकित्सा से गंभीर रोगों का चमत्कारिक निदान सम्भव, अध्यात्म से मिलती है जीवन को सार्थक दिशा: DR. GAURAV SHUKLA और DR. ARTI SHUKLA

FAISHION TREAND: Layered haircuts for women that work for every hair type
LIFESTYLE / October 4, 2026

FAISHION TREAND: Layered haircuts for women that work for every hair type

₹460 करोड़ की ब्रा! काइली जेनर ने पहनकर इंटरनेट पर मचाया तहलका, जानें इस बेशकीमती फैंटेसी ब्रा का राज़
Popular / October 23, 2026

₹460 करोड़ की ब्रा! काइली जेनर ने पहनकर इंटरनेट पर मचाया तहलका, जानें इस बेशकीमती फैंटेसी ब्रा का राज़

EXCLUSIVE STORY: हर रोज पूरे कपड़े उतारते थे, प्राइवेट पार्ट्स में टॉर्च से हुई जांच', 37 साल की एक्ट्रेस की खौफनाक कहानी,पैसा हो तो जेल में कुछ भी मुमकिन'
PEOPLE / September 13, 2026

EXCLUSIVE STORY: हर रोज पूरे कपड़े उतारते थे, प्राइवेट पार्ट्स में टॉर्च से हुई जांच', 37 साल की एक्ट्रेस की खौफनाक कहानी,पैसा हो तो जेल में कुछ भी मुमकिन'

इतनी बड़ी होने पर भी कंगना रनौत को नहीं शुरू हुए पीरियड्स, गुस्से में मां ने आकर किया ये काम
Popular / September 17, 2026

इतनी बड़ी होने पर भी कंगना रनौत को नहीं शुरू हुए पीरियड्स, गुस्से में मां ने आकर किया ये काम

EXCLUSIVE PODCAST WITH TOP MODEL & ARTIST" MEDHA": मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री में सफलता के लिए खुद के प्रति आत्मविश्वास और मजबूत इरादा जरूरी.. SUCCESS खुद बड़े अवसर देती है
PODCAST / September 13, 2026

EXCLUSIVE PODCAST WITH TOP MODEL & ARTIST" MEDHA": मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री में सफलता के लिए खुद के प्रति आत्मविश्वास और मजबूत इरादा जरूरी.. SUCCESS खुद बड़े अवसर देती है

राजस्थान निकाय चुनाव : बीजेपी में थोड़ी जीत से हताशा और कॉंग्रेस थोड़ी हार से जश्न मना रही, JOURNALIST VISHNU AGRAWAL की रिपोर्ट
EDITOR'S OPINION / September 16, 2026

राजस्थान निकाय चुनाव : बीजेपी में थोड़ी जीत से हताशा और कॉंग्रेस थोड़ी हार से जश्न मना रही, JOURNALIST VISHNU AGRAWAL की रिपोर्ट

EXCLUSIVE PODCAST: देश में फुटबाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार और कॉर्पोरेट को आगे आना चाहिए, FOOTBALL मेरा जुनून, मेरी पहचान: RYAN ROY SHAH
PODCAST / September 1, 2026

EXCLUSIVE PODCAST: देश में फुटबाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार और कॉर्पोरेट को आगे आना चाहिए, FOOTBALL मेरा जुनून, मेरी पहचान: RYAN ROY SHAH

JAIPUR NEWS: जयपुर में RSS प्रचारक को थाने में कपड़े उतारकर पीटा… बेहोश होने तक मारा, थाना इंचार्ज समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
Popular / October 12, 2026

JAIPUR NEWS: जयपुर में RSS प्रचारक को थाने में कपड़े उतारकर पीटा… बेहोश होने तक मारा, थाना इंचार्ज समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Popular

मोदी सरकार पराजित: Dharmendra Pradhan Resignation: छात्रों का आक्रोश, संघ की नसीहत! वो 5 कारण Gen-Z के सामने क्यों झुकी सरकार

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी प्रमुख विपक्षी पार्टियां इस छात्र आंदोलन को अपने राजनीतिक पुनरुत्थान का जरिया बनाने में पूरी ताकत से जुट गई थीं। विपक्षी नेता सड़कों से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे थे। बीजेपी किसी भी कीमत पर विपक्ष को इस जन-आंदोलन का श्रेय या राजनीतिक माइलेज नहीं लेने देना चाहती थी। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने और विपक्ष के हाथों से यह तीखा मुद्दा छीनने के लिए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही सबसे त्वरित विकल्प बचा था।

A

By Editorial Desk

Published: Jul 25, 2026 06:25 PM • Updated: Oct 23, 2026 • 141 views

Share
No image available

VISHNU AGRAWAL/NEWS EDITOR/DAILY INDIATIMES/25 JULY 2026

Dharmendra Pradhan Resignation: छात्रों का आक्रोश, संघ की नसीहत! वो 5 कारण Gen-Z के सामने क्यों झुकी सरकारDharmendra Pradhan Resignation: देश भर में NEET परीक्षा धांधली को लेकर भड़के आक्रोश और जंतर मंतर पर लगातार जारी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा सौंपना पड़ा। जंतर-मंतर पर हफ्ते भर से डटे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शनकारियों और लाखों छात्रों के भारी दबाव ने सरकार को बैकफुट पर ला दिया।

दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से लेकर सड़कों पर हुए चक्का जाम तक, Gen-Z का यह आंदोलन अब केवल एक सोशल मीडिया कैंपेन नहीं, बल्कि युवाओं का एक बड़ा राजनीतिक व सामाजिक शक्ति प्रदर्शन बन चुका है। नीचे समझिए वे 5 प्रमुख कारण, जिनकी वजह से सरकार को इस युवा जनसैलाब के आगे झुकना पड़ा।

सड़कों पर उतरा Gen-Z का असली दम

जंतर-मंतर पर 24 घंटे डटे हजारों युवाओं ने साबित कर दिया कि उनका यह आंदोलन सिर्फ सोशल मीडिया का ट्रेंड या हैशटैग नहीं था। दिन-रात एक करके सड़क पर डटे छात्रों के जोश ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। जब राजधानी दिल्ली में एहतियातन 18 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े और कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त बाजार में आवाजाही ठप हो गई, तो केंद्र सरकार को साफ समझ आ गया कि युवाओं के इस बेकाबू जनसैलाब को पुलिसिया बल या पाबंदियों से शांत करना पूरी तरह नामुमकिन हो चुका है।

बिहार से पूरे देश में फैली आग

आंदोलन का सबसे उग्र और असरदार केंद्र बिहार बना, जहां छात्रों के आक्रोश ने पूरे राज्य की व्यवस्था को ठप कर दिया। शनिवार यानी आज पूरा बिहार बंद है। कई जिलों में पुलिस गाड़ियों में आगजनी, पत्थरबाजी और इंटरनेट सेवाओं को बंद करने जैसी नौबत आ गई। बिहार से भड़की यह चिंगारी तेजी से देश के अन्य राज्यों में फैलने लगी। आंदोलन के ऑल-इंडिया रूप लेने और बिगड़ती कानून-व्यवस्था ने केंद्र सरकार के होश उड़ा दिए, जिससे मामले को तुरंत दबाने के बजाय राजनीतिक हल निकालना मजबूरी बन गया।

अपनों का विरोध और संघ की नसीहत

जब आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ, तो बीजेपी और आरएसएस (RSS) के भीतर से ही असंतोष की आवाजें उठने लगीं। पूर्व शिक्षा मंत्री और बीजेपी के संस्थापकों में से एक मुरली मनोहर जोशी ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया था। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सरकार को सख्त नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के युवाओं की जायज मांगों पर सख्ती या मनमानी थोपने के बजाय उनसे सीधे संवाद के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए। संगठन के अंदरूनी दबाव और संघ की इस सलाह ने सरकार पर नैतिक दबाव बनाया, जिससे शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा।

चुनावी नुकसान और कैडर वोट खिसकने का डर

NEET पेपर लीक मुद्दे से बीजेपी का अपना कोर मिडिल-क्लास वोटबैंक और युवा कैडर बेहद आहत और नाराज हो रहा था। आने वाले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में इस आक्रोश का सीधा खामियाजा भुगतने की गहरी आशंका थी। पार्टी आलाकमान को यह बात स्पष्ट हो चुकी थी कि अगर लाखों परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के गुस्से को तुरंत शांत नहीं किया गया, तो चुनावी मैदान में बड़ा राजनीतिक और चुनावी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

विपक्ष को मुद्दा छीनने से रोकना

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी प्रमुख विपक्षी पार्टियां इस छात्र आंदोलन को अपने राजनीतिक पुनरुत्थान का जरिया बनाने में पूरी ताकत से जुट गई थीं। विपक्षी नेता सड़कों से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे थे। बीजेपी किसी भी कीमत पर विपक्ष को इस जन-आंदोलन का श्रेय या राजनीतिक माइलेज नहीं लेने देना चाहती थी। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने और विपक्ष के हाथों से यह तीखा मुद्दा छीनने के लिए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही सबसे त्वरित विकल्प बचा था।

Tags:
141 views