सोनिया गांधी की किताब में बदलाव चाहता था पेंगुइन, सचिन पायलट बोले- सरकार कुछ छिपाना चाहती होगी
किताब पर पेंगुइन इंडिया की सफाईपेंगुइन इंडिया ने पिछले सप्ताह स्पष्ट किया था कि सोनिया गांधी की आत्मकथा को प्रकाशित नहीं करने के उसके फैसले के पीछे कोई बाहरी दबाव नहीं था, बल्कि चर्चा के दौरान ‘एक विशेष मुद्दे’ को लेकर गतिरोध सामने आया था, हालांकि इसे प्रकाशित करने के लिए वह इच्छुक था। प्रकाशक ने समझौते और लेखक की गोपनीयता का हवाला देते हुए उस मुद्दे का खुलासा नहीं किया।

सोनिया गांधी की किताब में बदलाव चाहता था पेंगुइन, सचिन पायलट बोले- सरकार कुछ छिपाना चाहती होगी
सोनिया गांधी की आत्मकथा के प्रकाशन को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे सरकार कुछ छिपाने की कोशिश कर रही होगी
VISHNU AGRAWAL/NEWS EDITOR/DAILY INDIATIMES

नई दिल्लीः कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को अब ‘हार्परकॉलिन्स इंडिया’ प्रकाशित करेगा। यह किताब भारत में 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। इससे पहले, ‘ पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ’ ने इस किताब को छापने से मना कर दिया था। इसकी वजह से कांग्रेस नेताओं ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के साथ साथ मोदी सरकार पर भी निशाना साधा था। इसी क्रम में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा है कि प्रकाशन कंपनी (पेंग्विन) पर कोई न कोई दबाव रहा होगा कि वे इस किताब को न छापें।
किताब छापने वाली कंपनी पर दबाव रहा होगाः सचिन पायलट
सोनिया गांधी की किताब पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि प्रकाशन कंपनी (पेंग्विन) पर कोई न कोई दबाव रहा होगा कि वे इस किताब को न छापें। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने अपने राजनीतिक जीवन में जो योगदान दिया वो सबके सामने है। सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री के पद को छोड़ा और हर तरह से खुद को देश के प्रति समर्पित रखा।
कांग्रेस नेता बोले-सरकार कुछ छिपाना चाहती होगी
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार कुछ न कुछ छुपाने की कोशिश करना चाह रही होगी। देश में तथ्यात्मक बातों का विवरण करने की आजादी होनी चाहिए। पूर्व आर्मी चीफ (मनोज मुकुंद नरवणे) की भी किताब पर रोक लगा दी गई।
सोनिया गांधी की आत्मकथा के प्रकाशन को लेकर विवाद
सोनिया गांधी की आत्मकथा के प्रकाशन को लेकर विवाद की शुरुआत उन खबरों के बीच हुई जिनमें कहा गया था कि पांडुलिपि में संपादकीय बदलावों को लेकर प्रकाशक और लेखिका के प्रतिनिधियों के बीच मतभेद हैं
कांग्रेस के कई नेताओं ने इस मामले में सरकारी दबाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दे उठाए थे। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि पेंगुइन इंडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मोदी सरकार में चीन द्वारा ‘भारतीय क्षेत्र पर किए गए कब्जे’ से संबंधित अंश हटाने का दबाव था।