अशोक गहलोत के बयान अंतिम सत्य, गांठ बांधकर रख लो, जानिए ऐसा क्यों बोले सचिन पायलट
सचिन पायलट ने 13 जुलाई को बांसवाड़ा के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि उनका पूर्व सीएम अशोक गहलोत से किसी भी प्रकार की कोई नाराजगी नहीं हैं। पायलट का यह बयान सुर्खियों में है।
VISHNU AGRAWAL/EDITOR/DAILY INDIATIMES

अशोक गहलोत के बयान अंतिम सत्य, गांठ बांधकर रख लो, जानिए ऐसा क्यों बोले सचिन पायलटसचिन पायलट ने 13 जुलाई को बांसवाड़ा के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि उनका पूर्व सीएम अशोक गहलोत से किसी भी प्रकार की कोई नाराजगी नहीं हैं। पायलट का यह बयान सुर्खियों में है।
बांसवाड़ा/ जयपुर: राजस्थान कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मनमुटाव खत्म हो गया। एक बार फिर इसका संकेत मिला है। वागड़-मेवाड़ के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे सचिन पायलट ने 13 जुलाई को बांसवाड़ा के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान जब पत्रकारों ने अशोक गहलोत की ओर से पिछले दिनों उन्हें लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, तो पायलट ने बेहद सधे हुए लहजे में अपनी बात रखी।

जानिए क्या कहा सचिन पायलट ने
पायलट ने मुस्कुराते हुए मीडिया से कहा, 'आपने जो उनका स्टेटमेंट रिपीट किया है, उसको गांठ बांधकर रखो, उसको लपेटकर रखो। वही अंततः सत्य है और वही रहेगा। बता दें कि सचिन पायलट से बात करते हुए पत्रकारों ने पूछा कि अशोक गहलोत ने पिछले दिनों हुए मनमुटाव के बाद जब आपका बयान आया, तो उन्होंने कहा कि आप उनके बेटे की तरह हैं, उनसे वैसा ही स्नेह रखते हैं। इसी बयान पर सचिन पायलट ने डूंगरपुर में मीडिया के सामने अपनी बात रखी।

पायलट ने इस दौरान दूसरे विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, जहां लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई से 2, 5, 10 और 100 रुपए अपनी श्रद्धा से दान किए। अब वहां करोड़ों रुपए का गबन जगजाहिर है, लेकिन एफआईआर में मुख्य जिम्मेदार लोगों की जगह ड्राइवर और चपरासी के नाम डालकर केवल लीपापोती की जा रही है। जबकि ऐसे एक नेशनल हेराल्ड ट्रस्ट था वहां 1 रुपए का भी नकद लेन-देन नहीं हुआ, फिर भी सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं, जांच हो रही है और चार्जशीट दाखिल की जा रही है।

पायलट ने आगे कहा कि जो सरकार लंबे समय से 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की बात करती आई है, वह आज खुद चुनाव कराने से पीछे भाग रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूनिवर्सिटी-कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव, पंचायत चुनाव और शहरी निकायों के चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं। हाईकोर्ट द्वारा सरकार को नोटिस देने और फटकार लगाने के बावजूद सरकार कोई न कोई बहाना बनाकर चुनाव टालने में लगी है। आगे कहा सरकार असलियत जानती है। उन्हें पता है कि जैसे ही चुनाव होंगे, जनता को अपना रुख दिखाने का मौका मिलेगा और भारी बहुमत के साथ कांग्रेस चुनाव जीतेगी। यही वजह है कि सरकार चुनाव से डरी हुई है और पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है।