सबका हिसाब होगा, राहुल गांधी की पुलिस को खुली चेतावनी; बांसुरी से दिया ‘डंडे का जवाब’
राहुल गांधी की खुली चेतावनी छात्रों के साथ मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "ये हिंदुस्तान है। अमित शाह जी इसको अच्छी तरह देख लीजिए। यहां कोई हिंदू नहीं है, कोई मुस्लिम नहीं है, कोई किसी जात का नहीं है, कोई स्त्री नहीं है, कोई पुरुष नहीं है। एक आवाज है, एक प्रोटेस्ट है, हिंदुस्तान की आवाज है और आप प्रधानमंत्री जी इस आवाज के सामने खड़े हैं। मैं आपको सुझाव देता हूं, इस आवाज के सामने खड़े मत होइए। इस आवाज के सामने कोई खड़ा नहीं हो सकता है। जो पुलिस वाले हैं, मैं आपको प्यार से कहना चाहता हूं, दिल से प्यार से... देखिए, मैंने सारे स्टूडेंट को कहा है कि वीडियो के साथ आप रिकॉर्ड रखिए। इन सबको कहा है और हर स्टूडेंट को मैं कह रहा हूं, आप वीडियो बनाइए, एविडेंस रखिए और एविडेंस हमारे पास भेजिए। जब ये पूरा का पूरा मामला खत्म होगा, तो फिर पूरा एविडेंस का हम प्रयोग करेंगे और जिनको सजा देनी होगी, सबको सजा देंगे, ज्ञानेश कुमार से लेकर ऊपर से नीचे तक। नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार, अमित शाह और जो भी मतलब कॉन्स्टेबल हमारे बच्चों पे हाथ उठा रहा है। सारा का सारा सबूत रखिए और घबराइए मत।"
सबका हिसाब होगा, राहुल गांधी की पुलिस को खुली चेतावनी; बांसुरी से दिया ‘डंडे का जवाब’
VISHNU AGRAWAL/NEWS EDITOR/ DAILY INDIATIMES

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांसुरी वादक समर और कई महिला प्रदर्शनकारियों को पेश किया। उन्होंने हिरासत में मारपीट के आरोप लगाए। बांसुरी पर ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की धुन के बीच राहुल ने ‘डंडे का जवाब’ देने की बात कही।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस मारपीट के मुद्दे पर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल गांधी के साथ वे छात्र भी थे जिन्हें पुलिस ने कथिततौर पर हिरासत के दौरान बुरी तरह पीटा। इसके अलावा राहुल ने बांसुरी वादक समर को पेश किया, जिन्होंने बांसुरी पर ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन की धुन बजाई। राहुल ने इसे डंडे के जवाब में प्रतीकात्मक तरीके से पेश किया। राहुल गांधी ने कहा, “डंडे का जवाब डंडे से।” इस दौरान उन्होंने पुलिस हिरासत में प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट का आरोप भी लगाया

बांसुरी वादक समर ने हिरासत में मारपीट का लगाया आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में समर नाम के बांसुरी वादक ने दावा किया कि उन्हें पांच अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था और सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की थी। समर ने आरोप लगाया कि 11 अक्टूबर को भी उन्हें हिरासत में लिया गया। उनके मुताबिक, बजरंग दल और आरएसएस से जुड़े लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को डंडों और पत्थरों से धमकाया था। उन्होंने दावा किया कि इन लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी, समर ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के फोन छीन लिए गए और उन्हें फॉर्मेट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वहां कम से कम 15 महिलाएं भी मौजूद थीं। समर ने एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 20 जुलाई को रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के एक जवान ने भी उन्हें डंडे से मारा था।
एनएसयूआई की महिला पदाधिकारी ने भी लगाए मारपीट के आरोप
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एनएसयूआई की एक महिला पदाधिकारी को भी पेश किया। उन्होंने महिला को ‘शेरनी’ बताते हुए कहा कि पिटाई के बावजूद वह डरी नहीं। महिला पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने महिला कांस्टेबल चंचल यादव पर उन्हें घसीटकर कनॉट प्लेस थाने ले जाने का आरोप लगाया।
महिला प्रदर्शनकारी के मुताबिक, उन्हें पुलिस थाने के कमरा नंबर 107 में ले जाया गया, जहां सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कमरे में उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उनके पैरों पर नीले निशान पड़ गए। राहुल गांधी ने केरल की एक छात्रा को भी पेश किया। छात्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें इतना मारा कि उनका एक कान खराब हो गया है और उससे सुनाई देना बंद हो गया।
दिल्ली गेट तक गाड़ी में मारा- छात्र का आरोप
एक छात्र ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "हमारे खिलाफ एफआईआर की गई है, जिसमें कई अठारह-उन्नीस साल के बच्चे हैं। पार्लियामेंट थाने के बाहर से जब डिटेन किया जा रहा था, तो पुलिस ने हम लोगों से कहा कि तुम्हें नेता बनाएंगे। गाड़ी में ले जाते हुए पार्लियामेंट थाने से दिल्ली गेट तक गाड़ी में मारा गया। ये बोला गया नेताओं को बुलाओ, उन्होंने जितनी गंदी गालियां हो सकती थीं, वो सारी चीजें कीं, मारने-पीटने की,धमकाने की, सारी चीजें कीं। सबसे बड़ी चीज जब तिहाड़ जेल में हमें भेजा गया, मेरे को इतनी चोट थी, मैं बेहोश था, व्हीलचेयर पे चल रहा था। कोर्ट में पेश किया गया, जज ने भी आंखें उठाकर नहीं देखा, पुलिसवाले ने मेरा हाथ उठा दिया। सब लोग ये इलिगली कर रहे हैं। तो मैं आप सभी से यही रिक्वेस्ट करूंगा कि जो पर्दे के पीछे जो ये काम कर रहे हैं, इस सब को एक्सपोज किया जाए, हम जैसे बच्चों को मारा-पीटा जा रहा है, डिटेंशन में कभी कोई मारा-पीटा नहीं जाता। वहां मारा-पीटा जा रहा है, मां-बहन की गालियां दी जा रही हैं।"
राहुल गांधी की खुली चेतावनी