Jyotsana Tilwani कौन हैं? BJP पार्षद मां को दगा देकर कांग्रेस जॉइन, Rahul Gandhi से जुड़े तार?
आपको बता दें कि दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग है। परिणाम 3 अगस्त को आएंगे। उपचुनाव की वजह से राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कांग्रेस कई BJP नेताओं को अपने पाले में ला रही है। BJP अपनी पारंपरिक पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
Jyotsana Tilwani कौन हैं? BJP पार्षद मां को दगा देकर कांग्रेस जॉइन, Rahul Gandhi से जुड़े तार?Datia Assembly By-election 2026: मध्य प्रदेश के दतिया में विधानसभा उपचुनाव (30 जुलाई 2026) से ठीक पहले BJP को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। बीजेपी पार्षद माला तिलवानी की बेटी ज्योत्सना तिलवानी ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया।Datia Assembly By-election 2026: मध्य प्रदेश के दतिया में विधानसभा उपचुनाव (30 जुलाई 2026) से ठीक पहले BJP को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। बीजेपी पार्षद माला तिलवानी की बेटी ज्योत्सना तिलवानी ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया।
VIJAY SINGH/DAILY INDIATIMES/JOURNALIST

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में ज्योत्सना को पार्टी सदस्यता दिलाई गई। यह घटना BJP के लिए सेटबैक मानी जा रही है, क्योंकि तिलवानी परिवार दतिया में कारोबारी और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है ज्योत्सना का मकसद? कौन हैं?ज्योत्सना तिलवानी दतिया की रहने वाली हैं। लेकिन इनके जीवन का बड़ा हिस्सा दिल्ली में बीता है। इनके पिता लक्खा तिलवानी शहर के बड़े कारोबारी थे। बताया जा रहा है कि मां माला तिलवानी, BJP पार्षद और महिला मोर्चा की वरिष्ठ नेता हैं। वार्ड नंबर 4 में अच्छी पकड़ है। वहीं, बहन भी BJP में सक्रिय है। परिवार का ज्यादातर हिस्सा BJP से जुड़ा हुआ है, लेकिन ज्योत्सना का रास्ता अलग रहा। उन्होंने दिल्ली में पढ़ाई और नौकरी की। बचपन से ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से प्रभावित रही।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में ज्योत्सना को पार्टी सदस्यता दिलाई गई। यह घटना BJP के लिए सेटबैक मानी जा रही है, क्योंकि तिलवानी परिवार दतिया में कारोबारी और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है ज्योत्सना का मकसद? कौन हैं?
पूरा परिवार BJP में, ज्योत्सना ने क्यों थामा कांग्रेस का पंजा?
ज्योत्सना ने कहा कि मेरे पापा, मम्मी और बहन BJP में हैं, लेकिन मेरी शिक्षा दिल्ली में हुई। मैंने हमेशा राहुल गांधी जी और प्रियंका गांधी से प्रभावित रही हूं। नौकरी की वजह से पहले शामिल नहीं हो पाई, लेकिन अब दतिया आकर कांग्रेस जॉइन कर ली है।ज्योत्सना ने स्पष्ट किया कि यह फैसला अचानक नहीं था। उनका कांग्रेस की ओर झुकाव लंबे समय से था। दतिया में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात हुई, जिसके बाद जीतू पटवारी ने उन्हें सदस्यता दिलाई।उन्होंने आगे कहा कि मैं दिल्ली में रही हूं, पढ़ाई-लिखाई और जॉब वहीं की है। दतिया उपचुनाव के दौरान यहां आकर फैसला लिया। अभी किसी बड़े नेता से खास बात नहीं हुई, लेकिन कांग्रेस के कई बड़े नेता दतिया आ रहे हैं। यह बयान BJP के लिए असुविधाजनक है, क्योंकि परिवार की एक सदस्य विपक्षी पार्टी में चली गई, वह भी चुनाव से ठीक पहले।
आपको बता दें कि दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग है। परिणाम 3 अगस्त को आएंगे। उपचुनाव की वजह से राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कांग्रेस कई BJP नेताओं को अपने पाले में ला रही है। BJP अपनी पारंपरिक पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है।तिलवानी परिवार का दतिया में कारोबारी और स्थानीय प्रभाव है, इसलिए ज्योत्सना का कांग्रेस जॉइन करना BJP के लिए प्रतीकात्मक झटका है। वार्ड नंबर 4 में माला तिलवानी का अच्छा प्रभाव माना जाता है। ज्योत्सना के आने से कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर फायदा मिल सकता है।