GOOD NEWS: राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पलटी छात्रा की किस्मत, आंखों के इलाज के लिए जीतू पटवारी ने इंदौर के बड़े डॉक्टर से फोन पर की बात
इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी से मिलीं बड़वानी की छात्रा प्रियंका सेगर।बचपन में आंख में चूना जाने की वजह से चली गई थी प्रियंका की एक आंख की रोशनी।राहुल गांधी ने आर्थिक तंगी से जूझ रही छात्रा को बेहतर इलाज कराने का दिया भरोसा।अगले ही दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने डॉक्टर से बात कर इलाज का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पलटी छात्रा की किस्मत, आंखों के इलाज के लिए जीतू पटवारी ने इंदौर के बड़े डॉक्टर से फोन पर की बातRahul Gandhi Help Girl Student: इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पहुंचे राहुल गांधी से बड़वानी की छात्रा प्रियंका सेगर ने मुलाकात की। बचपन में आंख में चूना जाने से रोशनी गंवा चुकी प्रियंका की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। राहुल गांधी ने उन्हें बेहतर इलाज का भरोसा दिया था।
VISHNU AGRAWAL/NEWS EDITOR/DAILY INDIATIMES DIGITAL NEWS PLATFORM

इंदौर: ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान बड़वानी जिले की सेंधवा तहसील के पाड़छा गांव से आई एक छात्रा प्रियंका सेगर की मुलाकात कांग्रेस नेता राहुल गांधी से हुई। इस मुलाकात के दौरान प्रियंका ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े दर्द और संघर्ष की कहानी बयां की। प्रियंका की आंख की गंभीर समस्या को सुनने के बाद राहुल गांधी ने उन्हें हरसंभव मदद और बेहतर इलाज कराने का ठोस भरोसा दिया है, जिससे इस होनहार छात्रा के जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगी है।
बचपन की घटना ने छीन ली थी रोशनी
प्रियंका सेगर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब वह महज तीन साल की थीं, तब घर में इस्तेमाल होने वाला खाने का चूना उनकी आंख में चला गया था। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद से उनकी आंख में गंभीर परेशानी शुरू हो गई और धीरे-धीरे उनकी आंख की रोशनी भी प्रभावित होती चली गई। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण उनके माता-पिता किसी बड़े अस्पताल या विशेषज्ञ डॉक्टर से उनका महंगा इलाज नहीं करा सके। समय के साथ यह समस्या और गंभीर होती गई, लेकिन गरीबी उनके सपनों के आड़े आती रही।
राहुल गांधी से बातचीत के बाद जगी उम्मीद
प्रियंका ने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे बड़े प्यार से आंख की समस्या के बारे में जानकारी ली और पूछा कि क्या उन्होंने किसी अच्छे अस्पताल में दिखाया है। जब प्रियंका ने अपनी गरीबी और लाचारी का जिक्र किया, तो राहुल गांधी ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे चिंता न करें, उनकी आंखों का इलाज जरूर करवाया जाएगा। इस मुलाकात के ठीक अगले दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रियंका से मुलाकात की। जीतू पटवारी ने इंदौर के एक नामी डॉक्टर से फोन पर सीधे बात की और प्रियंका की जांच व इलाज के लिए पूरी व्यवस्था करने को कहा। इलाज का सारा खर्च उठाने का भरोसा मिलने के बाद अब प्रियंका की आगे की जिंदगी को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
पढ़ाई में आ रही दिक्कतों को भी रखा सामने
अपनी आंखों की तकलीफ के अलावा प्रियंका ने अपनी पढ़ाई से जुड़े संघर्षों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहली से 12वीं तक सरकारी छात्रावास (हॉस्टल) में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की है, लेकिन 12वीं के बाद हॉस्टल की सुविधा न मिलने के कारण उन्हें अब किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के लिए सरकारी छात्रावासों की संख्या बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से रखी, ताकि गरीब घर की बेटियां बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।