लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'दिमाग़ी नक्सल' और 'नाराज़ फूफा' जैसे अपमानजनक तमगे देते हैं.
उन्होंने लिखा, "जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं - मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो." राहुल ने लिखा, "12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की. दिल्ली में ट्रिपल इंजन सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है? लाचारी है नीयत की - क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती." गौरतलब है कि दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को इमारत गिरने की घटना में अब तक मरने वाले स्टूडेंट की संख्या सात हो गई है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'दिमाग़ी नक्सल' और 'नाराज़ फूफा' जैसे अपमानजनक तमगे देते हैं.

VISHNU AGRAWAL/NEWS EDITOR/DAILY INDIATIMES
राहुल गांधी ने पीएम मोदी के 'नाराज़ फूफा' वाले बयान पर क्या कहा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'दिमाग़ी नक्सल' और 'नाराज़ फूफा' जैसे अपमानजनक तमगे देते हैं.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में 'दिमागी नक्सल' और 'नाराज़ फूफा' शब्द का इस्तेमाल किया था.
इसके जवाब में राहुल गांधी ने सत्य निकेतन में हुए हादसे का ज़िक्र करते हुए सोमवार को एक्स पर लिखा, "हर बार बीजेपी सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं."
"सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है. पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं. हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं - और हर बार कार्रवाई गायब रहती है."
उन्होंने लिखा, "जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं - मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो."
राहुल ने लिखा, "12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की. दिल्ली में ट्रिपल इंजन सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है? लाचारी है नीयत की - क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती."
गौरतलब है कि दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को इमारत गिरने की घटना में अब तक मरने वाले स्टूडेंट की संख्या सात हो गई है.