JOURNALIST VISHNU AGARWAL की रिपोर्ट: सोनिया गांधी ने कहा- "दशकों तक दूसरे मेरी कहानी सुनाते रहे, अब मेरी बारी, तमाशा तय", राजीव गांधी पर भी बड़ा खुलासा
इस किताब में सोनिया गांधी की ज़िंदगी के बारे में बताया गया है, जिसमें युद्ध के बाद इटली के वेनेटो में उनके बचपन से लेकर इंग्लैंड के कैम्ब्रिज तक का सफ़र है, जहां 1965 में उनकी मुलाक़ात राजीव गांधी से हुई थी। इसमें उनकी शादी, उनकी सास, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से उनका परिचय, और सोनिया का भारत में ज़िंदगी में बदलाव, जिसमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय खाने और संस्कृति को अपनाना शामिल है उसके बारे में बताया गया है। किताब में गांधी परिवार की उन दुखद घटनाओं को भी फिर से दिखाया गया है, जिनमें संजय गांधी की प्लेन क्रैश में मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल है। इसमें 2004 के चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के आसपास के राजनीतिक घटनाक्रमों का भी ज़िक्र है। जीत के बाद सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री बनने से मना कर दिया और इसके बजाय पार्टी और उसके गठबंधन का नेतृत्व किया, जो एक दशक तक सरकार में रहा।

सोनिया गांधी ने कहा- "दशकों तक दूसरे मेरी कहानी सुनाते रहे, अब मेरी बारी, तमाशा तय", राजीव गांधी पर भी बड़ा खुलासा
VISHNU AGRAWAL/EDITOR/DAILY INDIATIMES DIGITAL JOURNALISM PLATFORM

दशकों तक दूसरों ने मेरी कहानी सुनाई, अब मेरी बारी…’, सोनिया गांधी ने अपनी किताब की रिलीज से पहले क्या कहा?पोस्ट में 1 मिनट 28 सेकंड के वीडियो में सोनिया गांधी अपनी यादों के पन्ने पलट रही हैं और सोच रही हैं कि उन्हें अपनी ज़िंदगी का कितना हिस्सा बताना चाहिए।
कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें लिखा है कि सालों से दूसरों की लिखी बातें हमेशा सही नहीं होतीं और अब समय आ गया है कि वह अपनी कहानी खुद बताएं। सोनिया गांधी का यह बयान 10 नवंबर को होने वाली उनकी किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ के लॉन्च से कुछ दिन पहले आया है।
वीडियो में सोनिया गांधी ने अपने निजी अनुभव को पब्लिक करने की संभावना पर बात की। उन्होंने माना कि किताब पढ़ने वालों से अलग-अलग रिएक्शन ला सकती है। उन्होंने इसकी रिलीज को लेकर कुछ हद तक विवाद की भी उम्मीद जताई।

अब मेरी बारी है’
सोनिया गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “जब यह किताब आएगी तो कुछ तमाशा तो होगा ही।आखिरकार, दूसरों ने मेरी ‘कहानी’ बताने में दशकों बिताए हैं, अब मेरी बारी है।”
पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर आने के बाद यह सोनिया गांधी की दूसरी पोस्ट थी। पोस्ट में 1 मिनट 28 सेकंड के वीडियो में वह अपनी यादों के पन्ने पलट रही हैं और सोच रही हैं कि उन्हें अपनी ज़िंदगी का कितना हिस्सा बताना चाहिए। वह उस समय को याद करना शुरू करती हैं जब उनके पति, राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनने के लिए कहा गया था। सोनिया कहती हैं कि वह इस विचार के पूरी तरह खिलाफ थीं, लेकिन फिर उन्होंने यह विचार अधूरा छोड़ दिया।
सोनिया गांधी ने कहा कि वह अपनी बात लिखना चाहती थीं क्योंकि उन्हें लगता था कि उनके बारे में जो कुछ लिखा गया था, उसमें से कुछ गलत था, जिसमें या तो डिटेल्स मनगढ़ंत थीं या बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थीं। उन्होंने माना कि किताब पढ़ने के बाद पढ़ने वाले उनके बारे में अपनी राय फिर से सोच सकते हैं, कुछ लोग शायद उन्हें ज़्यादा पसंद करें और कुछ कम करें।
राजीव गांधी को किया याद
X पर सोनिया गांधी की यह पोस्ट पिछले गुरुवार को उनके इंस्टाग्राम डेब्यू के बाद आई है। शनिवार को पब्लिश हुई अपनी पहली X पोस्ट में उन्होंने अपने पति राजीव गांधी को याद किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को बहुत अच्छे दिखने वाले और अच्छा इंसान बताया।
हार्पर कॉलिन्स इंडिया छाप रहा है किताब
सोशल मीडिया पर आने से पहले सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी के X अकाउंट का इस्तेमाल लोगों के लिए वीडियो स्टेटमेंट, मैसेज और लेटर जारी करने के लिए करती थीं। ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ़ लव’ का इंडियन पब्लिकेशन पिछले महीने तय हो गया था, जब हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने अनाउंस किया कि वह 10 नवंबर को यह किताब लाएगा। यह फैसला सोनिया गांधी के रिप्रेजेंटेटिव और पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) के बीच अनबन के बाद हुआ, जो शुरू में किताब पब्लिश करना चाहता था लेकिन बाद में पीछे हट गया।
कहा जाता है कि यह असहमति ड्राफ्ट में एडिटोरियल बदलावों को लेकर थी। कई कांग्रेस नेताओं ने सरकार के संभावित दबाव और बोलने की आज़ादी पर सवाल उठाए। कुछ ने आरोप लगाया कि पेंगुइन इंडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और मोदी सरकार के समय में भारतीय इलाके पर चीन के कब्जे का ज़िक्र करने वाले सेक्शन हटाने का दबाव डाला गया था। PRHI ने कहा कि वह किताब पब्लिश करना चाहता था। हालांकि एक खास मुद्दे पर रुकावट आने के बाद आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया। पब्लिशर ने इस बात से इनकार किया कि बाहरी दबाव ने उसके फैसले पर असर डाला था। उसने असहमति के खास मुद्दे का खुलासा नहीं किया, और कॉन्फिडेंशियलिटी क्लॉज़ और लेखक के साथ अपने एग्रीमेंट का हवाला दिया।
क्या है किताब में?
इस किताब में सोनिया गांधी की ज़िंदगी के बारे में बताया गया है, जिसमें युद्ध के बाद इटली के वेनेटो में उनके बचपन से लेकर इंग्लैंड के कैम्ब्रिज तक का सफ़र है, जहां 1965 में उनकी मुलाक़ात राजीव गांधी से हुई थी। इसमें उनकी शादी, उनकी सास, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से उनका परिचय, और सोनिया का भारत में ज़िंदगी में बदलाव, जिसमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय खाने और संस्कृति को अपनाना शामिल है उसके बारे में बताया गया है।
किताब में गांधी परिवार की उन दुखद घटनाओं को भी फिर से दिखाया गया है, जिनमें संजय गांधी की प्लेन क्रैश में मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल है। इसमें 2004 के चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के आसपास के राजनीतिक घटनाक्रमों का भी ज़िक्र है। जीत के बाद सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री बनने से मना कर दिया और इसके बजाय पार्टी और उसके गठबंधन का नेतृत्व किया, जो एक दशक तक सरकार में रहा।